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Positive News: घर बैठे करना चाहते हैं फ्रीलांसिग, राइटर्स कम्युनिटी दे रही शानदार मौका

 वर्ष 2020 में फ्रीलांसर्स को स्कैम से बचाकर उन्हें घर बैठे रोजगार देने हेतु स्थापित राइटर्स कम्युनिटी अब अपना फ्रीलान्स मार्किट प्लेस शुरू करने जा रही है. इसकी जानकारी देते हुए संस्थापक अंकित देव अर्पण और संस्थापिका शान्या दास ने बताया कि यह राइटर्स कम्युनिटी द राइटर्स कम्युनिटी के नाम से यह मार्किट प्लेस शुरू करेगी. पूर्व में यह एक व्हाट्सएप्प ग्रुप के रूप में शुरू हुआ था. 

मात्र 3 सदस्यों के साथ शुरू हुई राइटर्स कम्युनिटी वर्तमान में 450 से अधिक सदस्यों के साथ स्थापित हो चुकी है. वर्ष 2020 में ही उसे MSME से जोड़ लिया गया था. राइटर्स कम्युनिटी पूर्व में Unacademy, Byjus, Embibe और परीक्षा अड्डा के साथ मिल कर कार्य करती थी. कौशल युक्त शिक्षित युवाओं को घर बैठे रोजगार के अवसर दिलाने के उद्देश्य से यह कार्य आरंभ हुआ था. उत्तर भारत के राज्यों समेत दक्षित भारतीय राज्यों के फ्रीलांसर्स ने भी राइटर्स कम्युनिटी से रोजगार प्राप्त किया.

सोशल मीडिया को देखकर बदला परिदृश्य

संस्थापक अंकित देव अर्पण बताते हैं कि पूर्व में हमने केवल अकादमिक कार्य किये, क्वेश्चन क्रिएशन, एक्सप्लेनेशन राइटिंग, ट्रांसलेशन, प्रूफ रीडिंग एवं डेटा एंट्री जैसे कार्यों पर ही हमारा ध्यान केंद्रित था. लेकिन वर्तमान में सोशल मीडिया को देख कर यह परिदृश्य बदला हुआ सा लगता है. मार्केट में अन्य कंटेंट की भी मांग बढ़ गयी है. इसलिए हम यह मार्किट प्लेस अन्य फ्रीलांसर्स को जोड़ने हेतु शुरू करना चाहते हैं. अंकित देव अर्पण ने बताया कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर एक फ्रीलान्स पोस्ट आती है और कई फ्रीलांसर्स उसके लिए अपनी रुचि जाहिर करते हैं. फिर सबसे सैंपल की मांग की जाती है, लेकिन मात्र एक कैंडिडेट को ही यह प्रोजेक्ट मिल पाता है. ऐसे में कैंडिडेट्स को अलग अलग क्लाइंट्स हेतु अलग सैंपल देना पड़ता है और कई बार के बाद भी उन्हें कोई काम नही मिल पाता.

फ्रीलांसर्स की भीड़ होने के कारण काम के अनुसार उन्हें भुगतान भी नहीं किया जाता है. कई बार काम कराने के बाद क्लाइंट्स कोई भुगतान भी नहीं करते हैं. इन सभी परेशानियों के मध्येनजर हमने यह फ्रीलान्स मार्किट प्लेस शुरू किया है. इसका उद्देश्य यूनिवर्सल सैंपल सिस्टम और न्यूनतम भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराना है. अब मात्र एक सैंपल और प्रोफाइल के आधार पर क्लाइंट्स निर्धारित करेंगे कि हमें किस कैंडिडेट को चुनना है. फ्रीलांस में हम न्यूज़ राइटिंग को भी जोड़ रहे हैं इसके अतिरिक्त एक कंपलीट डिजिटल सॉल्यूशन देने की कोशिश है.

Scam से हुई थी शुरुआत

राइटर्स कम्युनिटी के संस्थापक अंकित कुमार बिहार के चंपारण जिले से हैं. सोशल मीडिया पर अंकित देव अर्पण से लोकप्रिय अंकित कुमार एक कुशल लेखक और प्रखर वक्ता हैं. पूर्व में कई पत्र पत्रिकाओं में लेखन का कार्य कर चुके अंकित देव अर्पण बताते हैं कि उनके साथ भी वर्ष 2019 में एक छोटा scam हुआ था, उसके बाद सोशल मीडिया पर उन्होंने कई लोगों के ऐसे पोस्ट देखें जिसमें फ्रीलांसिंग के scam का उल्लेख था. इससे प्रभावित होकर उन्होंने पारदर्शी भुगतान पद्धति के साथ राइटर्स कम्युनिटी की स्थापना की और मात्र डेढ़ वर्षों में उसे इस स्तर पर विकसित किया.

वहीं राइटर्स कम्युनिटी की सह संस्थापिका शान्या दास भी बिहार से ही हैं. शान्या बताती हैं कि उन्होंने एक बिहार आधारित न्यूज़ पोर्टल के साथ फ्रीलांस का कार्य शुरू किया था. स्वयं को आत्मसम्बल बनाने की दिशा में यह प्रयास सार्थक भी रहा लेकिन कुछ महीनों के पश्चात वहां भी भुगतान के संदर्भ में निराशा हाथ लगी थी. शान्या आगे बताती हैं कि बिहार में लोगों को फ्रीलांस के बारे में अधिक जानकारी नहीं है. वर्क फ्रॉम होम का कांसेप्ट बड़े नगरों और शहरों तक सीमित है. वो इसे बिहार के जन जन तक पहुंचाना चाहती हैं और समाज के कुशल लेकिन शारीरिक या सामाजिक रूप से अशक्त लोगों के सशक्तिकरण हेतु फ्रीलांस के प्रति जागरूकता ला रही हैं. उन्होंने बताया कि एक ओर शिक्षित महिलाओं को बाहर कार्य करने की आज़ादी नहीं है, वहीं दिव्यांग जन या सीनियर सिटीजन की भी रुचि फ्रीलांस के क्षेत्र में अधिक है.

राइटर्स कम्युनिटी के संस्थापक अंकित देव अर्पण व सह संस्थापिका शान्या दास के निर्देशन में हाल ही में एक इंटर्नशिप कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था. इस 28 दिवसीय प्रशिक्षण में आई आई टी खड़गपुर, लेडी श्री राम कॉलेज फ़ॉर वीमेन, बनस्थली विद्यापीठ समेत अन्य शीर्ष विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के 25 छात्र छात्रों ने भाग लिया. राइटर्स कम्युनिटी का अगला लक्ष्य एक वर्ष के अंदर 1000 और लोगों को रोजगार प्रदान करना है.